lafzon-ka-khel
Wednesday, August 7, 2013
देश की टहनीया
टूटी पड़ी है देश की टहनीया, पत्तों को क्या आसरा होगा!
जो करना है फिर से इसे हरा भरा, तो मिलके सबको लड़ना होगा!!
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